क्या छात्रों को करियर काउंसलर की सेवा लेनी चाहिए ?

करियर काउंसलर

एक छात्र और उनके माता-पिता की कड़ी मेहनत इसी ‘करियर’ शब्द पर टिकी होती है I एक समय था जब छात्रों के पास नौकरी(करियर) के सीमित विकल्प होते थे तब उनको अपने लिए एक सही करियर का चयन करना आसान होता था | लेकिन, आज जब नौकरी के विकल्प बहुतायत हैं, छात्रों की दुविधा बढ़ जाती है |

10वीं या फिर 12वीं के बाद छात्रोंकेसामने एक बड़ी समस्या आती है, जहाँ पर उन्हें अपने भविष्य के करियर के अनुसार सही विषयोंका चुनाव करना पड़ता है I एक गलत कदम और छात्र / छात्रा अपने उपयुक्त करियर से दूर जा सकते हैं | ऐसे में निर्णय लेने का प्रक्रिया काफी जटिल हो जाती है, छात्रों को अपने रूचि एवं टैलेंट के अनुसार विषयों का चुनाव करनाहोता है, परंतु कई कारणों, जैसे:

  • माँ-बाप की आकांक्षा
  • दोस्तों का दबाव
  • जानकारी का अभाव
  • अपने बारे में गलत आंकलन

के वजह से छात्र कई बार सही निर्णय नहीं ले पाते हैं, जिसकी वजह से आगे उनहे बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है |

ऐसे में करियर काउंसलर छात्रों के लिए काफी मददगार साबित हो सकते है | करियर काउंसलर Phychometric Test/ Aptitude Test के आधार पर छात्रों के व्यक्तित्व और रूचि – अभिरुचि का सही आंकलन और फिर करियर डेटाबेस से मैच करके छात्रों के उपयुक्त करियर का सुझाव देते हैं, इस तरह वो छात्रों को उनको सही लक्ष्य चुनने में मदद करते हैं |

लेकिन एक सवाल हमारे मन में स्वत: आता है की क्या एक दो घंटे में करियर काउंसलर एक छात्र को पूरी तरह समझ पाते है?

मेरे अनुभव के आधार पर जवाब होगा हाँ! काफी हद तक, लेकिन फिर भी गलती की जगह तो रह ही जाती है, इसको नकारा नहीं जा सकता |

तो सवाल ये उठता है की फिर एक करियर काउंसलर छात्र की कैसे मदद कर पायेगा ?

lakshya-gif-bannerछात्रों को करियर काउंसलर की आवश्यकता क्यों पड़ती है? ये सवाल हमेशा हमें दुविधा में डालता है की हम करियर कोउसेलर्स की सेवा क्यों ले या ये हमारे लिए इतनी आवश्यक क्यों है ? ऐसे बहुत से छात्रो से हम मिलते जिन्हें पछतावा है की मैंने सही करियर नहीं चुना या ऐसे बहुत से छात्र जो अपने मतलब या इच्छा का करियर ना चुनकर पछता रहे है, कुछ ऐसे है जो अपने करियर को लेकर दुविधा में है की क्या चुने? उनके दिमाग में सुनामी चल रही होती है की क्या करे क्या ना करे? इसी दुविधा को दूर करने के लिए ही करियर कोउन्सेलर्स होते है जो आपको सलाह दे कर आपको सही करियर चुनने में मदद करते है I

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एक विशेषज्ञ करियर काउंसलर के पास प्रत्येक क्षेत्र का भरपूर जानकारी होती है, हर सेक्टर के अप-टू-डेट इनफार्मेशन होता है और आने वाले नए सेक्टर की भी पर्याप्त जानकारी होती है जिसको वो छात्रों से साझा करता है | इन जानकारियों के आधारपर छात्रों को करियरके अलग अलग क्षेत्रों केफायदे, नुकसान और चुनौतियों का सही पता चलता है | करियर काउंसलर छात्रों को उनके रूचि के अनुसार विभिन्न कोर्सेज और कॉलेज/ विश्वविद्यालयों की भी सुझाव भी दे सकते हैं, जिस से छात्रों का समय और पैसा दोनोंबचता है |

करियर काउंसलर की मुख्य भूमिका छात्रों के अन्दर छुपी हुई पोटेंशियल को उनसे स्वयं अवगत करना है तथा उन्हें प्रेरित करना की वे अपने मनपसंद विषय से जुड़े अपने इच्छा अनुसार करियर का चयन करे |

मुझे अपना समय याद आता है. जब मै 10वि में थी, तब बहुत विकल्प नहीं होते थे, एक ढंग की नौकरी पाने के लिए कौन सा सेक्टर सही होगा बस यही सोच लिए करियर का चुनाव करते थे, पहले ना कोई सलाहकार होते ना ही काउंसलर बस खुद ही अपने लिए फैसला करना पड़ता या फिर पेरेंट्स द्वारा लिया गया फैसला ही हमारे लिए अंतिम लक्ष्य होता था| आज खुद के करियर ग्राफ को देखती हूँ तो येही सोचती हूँ की काश कोई सही गाइडलाइन होती तो शायद आज करियर ग्राफ और बेहतर होता I आज जिस करियर में हूँ वहां तक पहुँचने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा, जो शायद सही सलाह मशवरे के बदौलत नहीं करना पड़ता |

बस खुद को किसी तरह से असफल होने से बचा लेना लक्ष्य नहीं होता, सही समय पर सही मार्गदर्शन जीवन के लिए बहुत आवश्यक है जो एक एक्सपर्ट ही आपको दे सकता है जिसे हर सेक्टर का भरपूर जानकारी हो |

हां! ये भी ज़रूरी नहीं की एक काउंसलर द्वारा दिए गए सलाह पर ही हम निर्भर हो या उनका द्वारा बताया हुआ करियर ही हमारा अंतिम फैसला हो I काउंसलर होते है आपको सही व सटीक जानकारी देकर हर सेक्टर का गहन इनफार्मेशन से अवगत कराये, उनका लक्ष्य होता की जब आप करियर का चयन कर रहे हो तो आपको सभी करियर की जानकारी हो, कि कौन से प्रोफेशन से क्या लाभ हो सकते हैं| भविष्य में, आज का एक ग़लत फैसला सारी ज़िन्दगी आपके पछतावे का कारण ना बन जाए |

इसीलिए मैं हमेशा छात्रों को सलाह देती हूँ की आप करियर काउंसलर से सलाह ज़रूर लें लेकिन उनकी सलाह को पत्थर की लकीर ना माने |

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