दलितों के नाम पे कर रहे प्रचार

प्रचार

हाँ भाई अभी उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल है. सरे दलों के नेता कुछ न कुछ वादा कर रहे है चाहे बसपा हो या बीजेपी . सभी दल अपनी अपनी मौजुदगी दिखा रहे है. इनके वादे से तो ऐसा लग रहा है की सरे वोट इन्हे ही मिलने वाले है . इसमें हमारे बिहार के मुख्यमंत्री भी पीछे नही है, बिहार के मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार जी मंगलवार को छत्रपति शिव जी महाराज की जयंती मानाने लखनऊ पहुच गए सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह कह दिया कि न्यायतंत्र में दलित के लिए आरक्षण होना चाहिए. मै ये सोच रहा हु कि इससे पहले इनकी शिव जी की जयंती की याद आई थी क्या? या जयंती मानाने लखनऊ गय थे क्या? मनानिये मुख्यमंत्री जी अगर आप अपने ही राज्य में कोई सभा या कोई बैठक करते और शिवा जी के विचारधाराओं से अपनी जनता को अवगत कराते.

लेकिन इससे हमें क्या ये तो कोई मुददा ही नही? मुददा तो भैया ये है, उत्तर प्रदेश में इलेक्शन है. ऐसा क्या किया जाय की सबसे ज्यादा वोट मिले. कुछ चीजे हमें समझ नही आ रही जैसे की सभा में दलित का रिजर्वेशन मांगना. सच में ये हमे सुना रहे है या करना चाहते है?  ऐसी बहुत सारी बड़ी बड़ी बाते है जो हमें इलेक्शन में सुनने को बहुत मिलते है जिसका कोई आता पता भी नही होता.

अरे हमें क्या हम तो ऐसे ही हिमत वाले है जी, हमें क्या फिकर बाबू.

 

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