skpuri

कश्मीर एक समस्यां क्यों?

कश्मीर भारत के लिए हमेशा एक बड़ा मुद्दा रहा हैं और आगे भी रहेगा जब तक हम इसके मूल कारण को जानने की कोशिस न करें | देशभक्ति शर्तो से बांध कर नहीं होती ये तो भावना है और इसका जुड़ाव दिल से हैं| 370 धरा किसी को कुछ देर के लिए या कुछ लोगों …

कश्मीर एक समस्यां क्यों? Read More »

22 were studying in Super-30 and 26 were qualified

Against mathematician Anand Kumar, children of Super-30 have started attacking themselves. In 2018, Anand Kumar has claimed to have qualified for JEE Advanced of 26 students of super-30, whereas students studying in their own institute have alleged that only three students have been able to qualify in JEE-Advance. Anand Kumar’s name was made public on …

22 were studying in Super-30 and 26 were qualified Read More »

माँ को थी बेटे की सफलता की आस, नही हुई निराश

“पसीने की स्हायी से लिखे पन्ने कभी कोरे नहीं होते… जो करते है मेहनत दर मेहनत, उनके सपने कभी अधूरे नहीं होते।” मेहनत और लगन हो तो कुछ भी असंभव नहीं, कोई भी लक्ष्य ऐसा नहीं जिसे साधा नहीं जा सके। लक्ष्य मानव जीवन को जीवंत बनाये रखता है अन्यथा रोज़मर्रा की परेशानियों से जीवन …

माँ को थी बेटे की सफलता की आस, नही हुई निराश Read More »

मेरी कहानी-मेरी जुबानी; बिहटा(बिहार) से बेल्जियम: संतोष कुमार

मैं, संतोष कुमार, ग्राम-डुमरी, पोस्ट-बिहटा, पटना का रहने वाला हूँ। मैं एक शिक्षक हूँ, जो समाज में सुशिक्षा, सद्भाव एवं उन्नति के लिए तत्परता से काम करता हूँ। आज, यूँ ही बैठे हुए विचार आया है अभी तक जो कुछ भी किया है उसका विश्लेषण करूँ। बचपन से आजतक जो भी घटनाए हुई है मेरे …

मेरी कहानी-मेरी जुबानी; बिहटा(बिहार) से बेल्जियम: संतोष कुमार Read More »

सुपर-30: समाज के लिए, समाज के द्वारा चलाई जा रही सामूहिक प्रयास है, यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं है- प्रशांत चौबे

छात्र जीवन मे सपनों का अपना एक अलग व महत्वपूर्ण स्थान है। सपने छात्रों को  जीवंत बनाये रखते है और यही जीवंतता उन्हें अपने लक्ष्य के लिए प्रेरित करती है। सपने परिस्थितियों के मोहताज नहीं होते। हरिवंश राय बच्चन की कुछ पंक्तियाँ सहज ही याद आती हैं — ‘‘कौन कहता है कि स्वप्नों को न …

सुपर-30: समाज के लिए, समाज के द्वारा चलाई जा रही सामूहिक प्रयास है, यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं है- प्रशांत चौबे Read More »

पकौड़ा और रोजगार

आपन देश में अभी एक सियासी बयान ना जाने केतना लोगन के मुह पनिया देले होई, आउर लपलपईल जीभ सब कोई के उस उ बात पर बोले खतिरा विवश करत बा| ऐसही कुछ विवशता हमरो संगे बा और बैठ गईनी ह लिखे| कुछ दिन पाहिले अइसन बयान आईल रहे की पकौड़ा बेच के देश के …

पकौड़ा और रोजगार Read More »