गजल हिन्दी मे | फिर से तुझे पाने की दुआ कर रहा हूँ

ग़ज़ल लिख रहा हूँ दुआ कर रहा हूँ !! बहुत दर्द में हूँ ......दवा कर रहा हूँ !! मेरे ज़ख्म फिर सूखने लग गए थे, तुझे याद कर के नया…

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कुछ देर ही के वास्ते आ जाओ पास तुम

सपने हसीं सजाये, कई साल हो गये | आँखों को मुस्कुराऐ, कई साल हो गऐ || बच्चा न मुझको जानिये, देखा है ये जहाँ | दुनिया में मुझको आये कई…

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ख़ता ये थी कि हमने साथ चलने की क़सम खाई

ज़मीं अपनी नहीं समझे,बता फिर आसमाँ कैसा मिला था एक मौका ये समझने का ,जहाँ कैसा ख़ता ये थी कि हमने साथ चलने की क़सम खाई सज़ा के तौर पर…

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इश्क़ ज़ंजीर तेरी तोड़ ही डाली हमने

ज़िंदा रहने की ये तरकीब निकाली हमने बात जो ख़ुद से बिगाड़ी थी बना ली हमने देख ले हम तेरे ज़िन्दान से आज़ाद हुए इश्क़ ज़ंजीर तेरी तोड़ ही डाली…

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न जाना रूठ के हॅसती हुई आॅखों को गम दे कर

तुम्हारा प्यार पाने को फिर आये हैं जन्म ले कर तुम्हीं ने तो बुलाया है हमें फिर से कसम दे कर बुलायेगा हमें जब जब तू हम आयेगे तब यूँ…

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माँ की करुणा भरी कविता

बेली रोड पटना में तेज रफ़्तार कर गड्ढे में गिरी तीन छात्रों की मौत|सुबह सुबह जब इस हादसे की खबर पढ़ी तो मेरे आँखों के सामने मेरी माँ की वो…

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ख़ुदा अपने बन्दे को ऐसा हुनर दे

ग़ज़ल:--- मुझपे करम मौला ऐसा तू कर दे। हरिक दर झुके जो मुझे ऐसा सर दे।। मिलाता रहूं बस दिलों से दिलों को। मेरे दिल में ऐसा ही जज़्बा तू…

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