भ्रष्टाचार: पाप या प्यार

जल्दी-जल्दी मै स्टेशन पंहुचा और शुकून की साँस लेने के बाद घड़ी की तरफ नजर दौड़ायी, जो मेरी जीत और ट्रेन की हार की तरफ इशारा कर रही थी .…

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चलो आये प्यार करते है

मेरी प्रियतमा, अभिवादन, लगभग एक साल बाद तुम्हे पत्र के माध्यम से अपने भावनाओं को तुम्हारे सामने रख रहा हूँ। यह तब लिख रहा हूं जब मै अपने आत्ममंथन के…

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Happy Teachers Day | जवानी बनाम बुढापा

ये जंग थी जवानी और बुढ़ापे की, ये जंग थी अहंकार की, ताकत की, गुमान की.....शिष्टाचार और अशिष्टाचार की। एक गुरू ने अपने शिष्य को तलवारबाज़ी की सारी विद्या सीखा…

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समाज के लिए या समाज से

बहुत दिनो बाद मुझे ग़ाव जाने का मौका मिला, सुबह-सुबह उठा गाड़ी निकाली और निकल पड़ा. मेरा ग़ाव शहर से 65 km की दुरी पर है. मैंने खुद ही ड्राइव…

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